How to make Holi colours in hindi

 होली के रंग कैसे बनते हैं? – बच्चों के लिए मस्ती भरी जानकारी


होली के दिन हम सब गुलाल, पिचकारी और रंगों से खेलते हैं। लेकिन क्या तुमने कभी सोचा है कि ये रंग कैसे बनते हैं? चलो, एक मजेदार सफर पर चलते हैं और रंगों की दुनिया को समझते हैं!



1. पहले जमाने में रंग कैसे बनते थे?


बचपन में दादी-नानी बताती थीं कि पहले प्राकृतिक रंग ही इस्तेमाल किए जाते थे। ये रंग फूलों, पत्तों और पेड़ों से बनाए जाते थे।


लाल रंग – पलाश (टेसू) के फूलों से

पीला रंग – हल्दी और गेंदा के फूलों से

हरा रंग – नीम और पालक के पत्तों से

नीला रंग – नील (इंडिगो) के पौधे से

ये रंग स्किन-फ्रेंडली और सुरक्षित होते थे!


2. आजकल होली के रंग कैसे बनते हैं?

आजकल फैक्ट्रियों में गुलाल और पानी के रंग अलग-अलग तरीकों से बनाए जाते हैं।


गुलाल – कॉर्नफ्लोर, अरारोट पाउडर और नैचुरल कलर मिलाकर बनाया जाता है।

पानी के रंग – हर्बल एक्सट्रैक्ट या सुरक्षित केमिकल मिलाकर बनाए जाते हैं।


लेकिन कुछ नकली और हानिकारक केमिकल वाले रंग भी मिलते हैं, जो स्किन और आंखों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए हमेशा हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए!


3. घर पर अपने खुद के सुरक्षित रंग कैसे बनाएं?


बच्चों, तुम भी घर पर ही अपने होली के रंग बना सकते हो!

लाल रंग – चुकंदर (बीट रूट) का रस निकालो।

पीला रंग – हल्दी को पानी या बेसन के साथ मिलाओ।

हरा रंग – नीम के पत्तों का पेस्ट बनाओ।

नीला रंग – जामुन या ब्लू हिबिस्कस के फूलों से बनता है।


ये रंग सुरक्षित, हेल्दी और आसानी से साफ होने वाले होते हैं!


4. होली के रंगों का मज़ा लेकिन सावधानी भी!


आंखों और मुँह में रंग न जाए!
रूखे और तेज़ रंगों का इस्तेमाल न करें, जो जलन करें।

खेलने से पहले चेहरे और हाथों पर सरसों या नारियल का तेल लगा लें, जिससे रंग आसानी से हट जाए!



5. रंगों से भरी होली की मस्ती!


होली प्यार, दोस्ती और खुशियों का त्योहार है। अपने दोस्तों और परिवार के साथ सुरक्षित और सुंदर रंगों से खेलो और खूब मस्ती करो!


"रंग बरसे, भीगे तन-मन! होली की ढेर सारी शुभकामनाएँ!"
हैप्पी होली!


Comments

Popular posts from this blog

20 Lines on Holi the festival of colours

Childhood Memories of Holi